मऊ जनपद के सहरोज में स्व० गिरजाशंकर यादव जी (पहलवान) की स्मृति में आयोजित विराट कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक दंगल में दूर-दराज से आए नामी पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मऊ नगर पालिका के चेयरमैन अरशद जमाल (Arshad Jamal) ने शिरकत की।
1. पहलवानों की हौसला अफजाई
चेयरमैन अरशद जमाल ने दंगल के अखाड़े में पहुंचकर पहलवानों का हाथ मिलवाया और उनकी हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि कुश्ती भारत का पारंपरिक खेल है और इसे जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्व० गिरजाशंकर यादव जी को याद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।
2. सहरोज दंगल की मुख्य विशेषताएं
- ऐतिहासिक आयोजन: यह दंगल स्व० गिरजाशंकर यादव जी की याद में हर साल आयोजित किया जाता है।
- युवा प्रतिभाएं: स्थानीय और बाहरी पहलवानों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
- सम्मान: विजेता पहलवानों को चेयरमैन द्वारा पुरस्कृत किया गया।
3. खेल और भाईचारे का संदेश
अरशद जमाल ने अपने संबोधन में जोर दिया कि खेल न केवल शरीर को तंदुरुस्त रखते हैं, बल्कि आपसी भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं। दंगल देखने के लिए सहरोज और आस-पास के गांवों से भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।






